2 रुपये के लिए युवक ने भारतीय रेलवे पर किया केस, रेलवे को चुकाने पड़े 2.43 करोड़ रुपये

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Indian Railway: आपको बता दें की राजस्थान (Rajasthan) के एक युवक सुजीत स्वामी (Sujeet Swami) ने भारतीय रेलवे (Indian Railway) से दो रुपए रिफंड के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी है. इस लड़ाई का फायदा अन्य 2.98 उपभोक्ताओं को भी हुआ दरअसल सुजीत स्वामी नाम का एक युवक ने रेलवे पर दो रुपए रिफंड के लिए कोर्ट में केस किया था. और यह लड़ाई 5 साल तक चली. बता दें कि यह कहानी साल 2017 में शुरू हुई थी, दरअसल सुनील साल 2017 में स्वर्ण मंदिर मेल से कोटा से नई दिल्ली के लिए टिकट बुक कराई थी.

दरअसल उनकी टिकट वेटिंग में जाने की वजह से वह ट्रैवल नहीं कर पाए और फिर उन्होंने अपनी टिकट कैंसिल कर दी. उनकी टिकट का मूल्य 765 रुपय था, टिकट कैंसिल होने के बाद सुजीत को रिफंड में सिर्फ 665 ही मिले. सुजीत का कहना यह था कि भारतीय रेलवे ने 65 रुपए की जगह 100 रुपए की कटौती की है। रेलवे ने सेवा कर के नाम पर 35 रुपय की अतिरिक्त राशि वसूली थी. जिसे लेकर सुजीत स्वामी ने अपनी आवाज उठाई हालांकि साल 2019 में सुजीत के अकाउंट में भारतीय रेलवे ने ₹33 और डाल दिए थे, मगर सुजीत इससे संतुष्ट नहीं हुए।

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2 रुपये के लिए फाइल की आईटीआर (ITR)

सुजीत स्वामी का कहना था कि उन्हें भारतीय रेलवे से 35 रुपए का रिफंड चाहिए था पर भारतीय रेलवे ने सिर्फ उन्हें 33 रुपए वापस किए थे, सुजीत स्वामी ने अपने 2 रुपए वापस पाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। दरअसल सुजीत  ने जुलाई 2019 में एक और आईटीआर लगाकर खुद के 2 रुपय का साथ-साथ सभी उपभोक्ताओं से वसूले गए अतिरिक्त राशि के रिफंड की मांग की। बता दें कि सुजीत  हर 2 महीने में आईटीआर के जरिए अपने रिफंड की स्थिति की जानकारी लिया करते थे

जानें कब मिला रिफंड (Refund)

सुजीत स्वामी की लड़ाई करीब 5 साल तक चली अंत में जाकर 27 मई 2022 को आईआरसीटीसी के अधिकारी का फोन आया और उन्होंने सुजीत को भारतीय रेलवे के द्वारा सभी उपभोक्ताओं को रिफंड की मिली मंजूरी के बारे में बताया इसके साथ ही अधिकारी ने सूचित का बैंक अकाउंट डिटेल भी लिया. 30 मई 2022 को सुजीत स्वामी के अकाउंट में उनके 2 रुपए रिफंड कर दिए गए इस मामले में रेलवे को सभी उपभोक्ताओं को मिलाकर करिब 2.43 करोड़ रूपए चुकाने पड़े थे. इसके बाद सुजीत ने सरकार को धन्यवाद करते हुए 535 रुपए की राशि पीएम केयर फंड में ट्रांसफर कर दिया।