देश में होगी 38 लाख शादियां…25 दिन में होगा 5 लाख करोड़ का करोबार!

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भारत में अभी फेस्टिव सीजन बीता ही है, कि जल्द ही वेडिंग सीजन (Wedding Season) का आगाज होने जा रहा है। देश के व्यापारियों के समूह कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने अनुमान लगाया है कि इस बार देश में 38 लाख शादियां होंगी। शादी के इस मौसम में देश भर में 5 लाख करोड रुपए का बिजनेस होने का अनुमान है।

इस बार दिवाली के फेस्टिवल सीजन में देश में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री हुई है। इसके बाद देश का कारोबारी समूह 23 नवंबर से शुरू होने वाले आगामी वेडिंग सीजन में ग्राहकों की मांगों को पूरा करने के लिए पूरी तरह से बाजार में आ चुका है। उम्मीद लगाई जा रही कि इस बार के आगामी शादी सीजन में, जो 23 नवंबर से शुरू हो रहा है। देशभर में लगभग 38 लाख शादियां होंगी। जिसके चलते देश में मेनलाइन रिटेल व्यापार में वस्तुओं और सेवाओं को मिलाकर लगभग 5 लाख करोड रुपए का बिजनेस होने की संभावनाएं हैं।

पिछले साल नवंबर दिसंबर 2022 के वेडिंग सीजन में लगभग 32 लाख शादियां हुई। जिस दौरान करीब 3.75 लाख करोड रुपए का बिजनेस हुआ था। वेडिंग सीजन इस बार 23 नवंबर देवउठान एकादशी से शुरू हो रहा है। जो 15 दिसंबर तक चलेगा एवं सितारों की गणना के अनुसार नवंबर महीने में शादी की तारीखें 23, 24,27,28,29 हैं, जबकि दिसंबर के महीने में शादी की तारीखें 3,4,7,8,9 और 15 हैं। जो विवाह के लिए शुभ हैं।

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देश के बिजनेसमैन की उम्मीद

कनफेडरेशन ऑल ऑफ़ इंडिया ट्रेडर्स ( CAIT) की ओर से विभिन्न राज्यों के 30 विभिन्न शहरों जिन्हें प्रमुख Distributing Point के रूप में जाना जाता है, के मुख्य कारोबारी संगठनों व वस्तुओं और सेवाओं दोनों में विभिन्न स्टेकहोल्डर की बात करने के बाद यह अंदाजा लगाया गया है कि देशभर की शादियों के मौसम में करीबन 38 लाख शादियां होने की संभावनाएं हैं। लोगों द्वारा शादी के लिए खरीदारी और शादी हेतु विभिन्न सेवाएं प्राप्त करने के माध्यम से लगभग 5 लाख करोड रुपए का व्यापार में इजाफा होना है।

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दिल्ली में 1.25 लाख करोड रुपए का व्यापार

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि अकेले दिल्ली में इस सीजन में लगभग चार लाख से अधिक शादियां होने की उम्मीद है। जिससे लगभग 1.25 लाख करोड रुपए का कारोबार होने की संभावनाएं हो रही हैं। कैट की तरफ से निकल गए हनुमान के आधार पर भरतीया और खंडेलवाल ने कहा, इस मौसम में लगभग 7 लाख शादियां 3 लाख रुपए के खर्च के, 8 लाख शादियां 6 लख रुपए के खर्च, 10 लाख शादियां 10 लख रुपए के खर्च, 7 लाख शादियां 15 लख रुपए के खर्च, 5 लाख शादियां 25 लख रुपए के खर्च, 50 हजार शादियां 50 लख रुपए के खर्च, और 50 हजार शादियां एक करोड रुपए के खर्च के साथ होने की उम्मीद में हैं।

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इनकी बढ़ेगी खरीदारी

भारतीय और खंडेलवाल ने आगे बताया कि एक शादी में आमतौर पर 50% व्यय सामान की खरीद पर और 50% सेवाओं की खरीद पर किया जाता है। एक नजर में माल क्षेत्र में व्यापार का अनुमानित प्रतिशत कपड़ा साड़ी, लहंगा, और गारमेंट्स में 10%, ज्वेलरी में 15%, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल्स और उपभोक्ताओं में 5%, खाद्यान्न ड्राई फ्रूट, फलों और मिठाईयों के साथ ही नमकीन में 5%, गिफ्ट्स इत्यादि में 4%, और बाकी 6% अन्य प्रकार की वस्तुओं में व्यापार की संभावना है।

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यहां भी रौनक

जहां तक की सेवा क्षेत्र का सवाल है, अनुमान के अनुसार बैंक्वेट हॉल, होटल और अन्य विवाह स्थलों पर 5%, टेंट सजावट पर 12%, खानपान सेवाओं पर 10%, फूलों की सजावट पर 4%, ट्रैवल एवं कैंब सेवाओं पर 3%,फोटो वीडियो शूट पर 2%, लाइट एंड साउंड पर 3%, और अन्य सेवाओं पर शेष 3% के खर्च के जरिए व्यापार का आंकड़ा लगाया गया है। भरतीया और खंडेलवाल ने आगे कहा कि वेडिंग सीजन के बाद क्रिसमस और नए साल की बिक्री शुरू हो जाएगी। इसके बाद 14 जनवरी संक्रांति के दिन से शादी के सीजन का एक और चरण शुरू होगा।